मेरी गुडिया
मेरी गुडिया
मेरी प्यारी गुडिया रानी
हर पल करती तु शैतानी,
खाना देख करती आनाकानी
दादी से सुनती कहानी,
हरदम करती अपनी मनमानी
ओ मेरी गुडिया रानी,
तुझसे ही बनती मेरी खहानी।
मेरी प्यारी गुडिया रानी
हर पल करती तु शैतानी,
खाना देख करती आनाकानी
दादी से सुनती कहानी,
हरदम करती अपनी मनमानी
ओ मेरी गुडिया रानी,
तुझसे ही बनती मेरी खहानी।