चाँद

चाँद चंद्रमा चंद्र चकोरी 

जो भी यह बनवाया है,

चकाचौंध या वास्तव है ये

या फिर केवल माया है ?

कभी तेजस्वी कभी निस्तेज,

प्रतिदिन इसका अलग रूप है..

कुछ तो कहते पत्थर है ये,

चमक का कारण सिर्फ धूप है..

प्रेमियो को बहुत खास है

प्रेम प्रतीक कहलाता है ..

क्या सच मे यह बेदाग है

या मोह सत्य छुपाता है..

यू तो तारे साथ कई है ,

पर खुद पर ये इठलाया,

अद्भुत है लेकिन एक कमी है

किसी का ना ये हो पाया.

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Dipashri Vasant Patil