नींद नही आती है मुझे।
मेरी गर्दन पर रखा,
तुम्हारे होंठों का झूठ,
आजकल मुझे बहुत तकलीफ दे रहा है।
मेरे जिस्म पर हुआ,
तुम्हारी उँगलियों का नाच,
आजकल मुझे बहुत बेचैन कर रहा है।
कि अब नींद नहीं आती है मुझे,
मेरा गुरूर कहीं बिछड़ गया है।
मेरी गर्दन पर रखा,
तुम्हारे होंठों का झूठ,
आजकल मुझे बहुत तकलीफ दे रहा है।
मेरे जिस्म पर हुआ,
तुम्हारी उँगलियों का नाच,
आजकल मुझे बहुत बेचैन कर रहा है।
कि अब नींद नहीं आती है मुझे,
मेरा गुरूर कहीं बिछड़ गया है।