तुम्हारे बिना भी

तुम्हारे बिना भी

दिन निकल जाते हैं,

मगर कुछ पल

हवा में ठहर जाते हैं।

 

हमने चाहा था

कि सब आसान हो,

मगर मोहब्बत

हमेशा उन चीज़ों में छुपती है

जो आसान नहीं होती।

 

वो जो तुम्हारे जाने पर

ख़ामोश रह गया,

उसकी चुप्पी

कभी-कभी

हमसे ज़्यादा कुछ कह देती है।

 

यादें आती हैं

जैसे चाँदनी रात,

धीरे-धीरे,

और अचानक

सब कुछ रोशन कर देती हैं।

 

हमने सीखा है

कि मोहब्बत मांगती नहीं,

बस रहती है,

और वही

सबसे बड़ा आराम है।

 

अगर कल

तुम सामने आओ,

तो शिकायत नहीं होगी—

बस

इतना देखना है

कि आँखें वही

ख़ामोश सलाम दें।

 

क्योंकि कुछ लोग

हमारी ज़िंदगी में

इसलिए आते हैं

कि हमें

खुद से जीना सिखा सकें।

#LoveStoriesInVerse

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Fazal Esaf