✍️मंजिल एक जंग ✍️
जानता हूं संघर्ष के पथ पर आएगी मुश्किले हजार गिरेगा तू बार बार,
लेकिन तुझे अपने पथ पर रहना है अडिग क्योंकि तुझे करना है सपना तेरा साकार।
लोग तुझे गिराएंगे भी लेकिन तू अपने लक्ष्य पर अडिग रहना हर बार,
फिर वही तुझे अपना बताएंगे जब तेरा सपना होगा साकार।
कभी किसी की बात पर तो कभी तुझे रोना आयेगा अपने हालात पर,
ये हालात तेरे बदल जायेंगे जब तू पा लेगा मंजिल एक बार।
बहाना बनाता रहा तो ये मौका भी निकल जायेगा इस बार,
कर मेहनत दिन रात तू इस बार क्योंकि ये मौका ना आयेगा बार बार।
आखिर कब तक अपने हालातो और मजबूरियों की कहानी सुनाएगा तू बार बार,
ये दुनिया,समाज,रिश्तेदार सुनते है एक बार फिर देख कर हालात कर देते है दरकिनार।
आज जो तुझपे ताने कश्ते है, कल तुझे यही सलाम करेंगे बार बार,
लाख मुसीबत आए चाहे, रहकर पथ पर अडिग तू अपने लक्ष्य को हासिल कर एक बार।
याद कर पहले भी तूने ऐसी परिस्थितियों पर काबू पाया है हर बार,
आखिर क्यों विचलित हो रहा है तू मंजिल के अंतिम पड़ाव पर।
होगा जब तेरा सपना साकार और पीछे मुडके देखेगा तू हर बार,
तब तुझे अहसास होगा मेहनत ही एकमात्र विकल्प था इसका आधार।