प्रेम को जिसने समझा

लिखा किसी ने प्रेम को,

समझो फिर उसने, प्रेम किया।

किसी का दिल, वो बना,

कोई धड़कन, उसकी बना।

शुरु हुआ यह, मौन से,

मौन में ही, पूर्ण हुआ

प्रेम की शर्त, यही रही,

फिर मोहब्बत, नहीं हुई।

बसा लिया जो, दिल में,

बस गया वही रूह में।।

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Kumari Shalini