चलो चलते हैं
चलो चलते है कुछ नया करते है
कब तक बैठे रहेगेंं राहोंं मे यू ही,
आसमां को तकते हुऐ
चांद सितारो का नजारा करते हुऐ,
चलते जाना है जिंदगी की राह मे
थक ना जाना हार कर कही,
माना पथरीला है रास्ता बहुत
चुभेंगे काँटे भी बहुत,
पर जब भी मंजिल आएगी नजर
बाहो को फैलाये परी आएगी नजर,
मिल भी जाएगी मंजिल तुझे एक दिन
बस हार के ना बैठ जाना कही,
चलो हाँ चलते हैं कुछ नया करते है।