Akhir qun

यू ना कहना हाथ छोड़ा है तुम्हारा 

यू ना कहना साथ छोड़ा है तुम्हारा,

 

कुछ मजबूरियां वहाँ भी थी

कुछ यहाँ भी,

 

ऐसे ही ख्वाब नही टूटते राहगिरी में

किस्मत होती तो जरुर मिल लेते,

 

रग रग में बसे हो सासोंं की तरह

फिर क्यू धड़कनोंं का हिसाब पूछते हो।

 

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