Corona-मजाक नही
आज के परिप्रेक्ष्य मे घर से निकलना बंद हो गया,
समझा समझा कर थक गया प्रशासन,
इंसान ही इंसान का दुश्मन हो गया,
ये महामारी है जनाब खेल का मैदान नही,
ये मजहबी सियासत नही ये बीमारी है
जो ना हिन्दू देखती हैं ना मुसलमान ना ही देखती हैं ईसाई या सिक्ख
ना ही देखती है बच्चा ,बुर्जुग या जवान
अमीर है या गरीब ,
हाल मरघट मे सबका एक सा है,
समझ लो बस इतना सा थोड़ी सी इंसानियत रख लो, अपने लिए ना सही अपनो के लिए थोड़ी दूरी रख लो ,
थोड़ा सब्र कर लो।