चोर की दाढ़ी में……

कुछ तो राज़दारी है, हम तो सहबागी हैं,

जुर्म में साथ-साथ, एक-दूजे को बचाने में,

देश की जनता का बंटाधार,

बस हम ही हम हैं, बाक़ी सब…

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LIYAKHAT ALI KHAN