चोर की दाढ़ी में……
कुछ तो राज़दारी है, हम तो सहबागी हैं,
जुर्म में साथ-साथ, एक-दूजे को बचाने में,
देश की जनता का बंटाधार,
बस हम ही हम हैं, बाक़ी सब…
कुछ तो राज़दारी है, हम तो सहबागी हैं,
जुर्म में साथ-साथ, एक-दूजे को बचाने में,
देश की जनता का बंटाधार,
बस हम ही हम हैं, बाक़ी सब…