Nitya: Kamakhya ki Saatvi Gufa

प्रस्तावना: नीलांचल पर्वत का रहस्य और वह पुराना सपना

1. नीलांचल — केवल पहाड़ी नहीं, एक जीवंत कब्र

असम के गुवाहाटी शहर के मध्य में, ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे पर, एक ऐसी पहाड़ी है जो भूगोल की किताबों से परे है। उसका नाम है नीलांचल।

ज्योतिष कहते हैं — नीलांचल पर्वत पृथ्वी का वह बिंदु है जहाँ से ‘योनिमार्ग’ नामक तांत्रिक रेखा गुज़रती है, जो सीधे कैलाश पर्वत को जोड़ती है। भूवैज्ञानिक इसे साधारण चट्टान कहते हैं, पर तांत्रिकों की सात पीढ़ियाँ कहती हैं — यह पर्वत साँस लेता है। रात के तीन बजे इसके भीतर से डमरू की गूंज और कभी-कभी स्त्री रुदन सुनाई देता है।

लेकिन सबसे बड़ा रहस्य इस पर्वत की छह नहीं, सात गुफाओं का है।

हाँ, जनता केवल छह गुफाएँ जानती है जो कामाख्या मंदिर परिसर में दर्शन के लिए खुली हैं। किंतु तांत्रिक ग्रंथ ‘योगिनी तंत्र’ के एक लुप्त अध्याय में उल्लेख है:

“सप्तमी गुफा न तो पृथ्वी पर है, न पाताल में। वह उन दोनों के बीच की ‘अंतराल’ में है, जहाँ समय रुका हुआ है।”

2. वह पुराना सपना — हर स्त्री का और एक पुरुष का

हर मनुष्य को जीवन में कम से कम एक बार वह सपना आता है — जो सिर्फ सपना नहीं, बल्कि पिछले जन्म की याद होता है।

कथक है:

एक स्त्री थी — रुद्राणी। वर्ष 1242 ईस्वी। म्लेच्छ आक्रमण के समय, कामरूप के अंतिम तांत्रिक राजा ‘सन्ध्याकर नन्दी’ ने अपनी रानी रुद्राणी को सातवीं गुफा में छुपा दिया था। उसने कहा — “जब तक ब्रह्मांड की आकाशगंगा सीधी न हो जाए, बाहर मत निकलना।”

रुद्राणी 700 वर्षों तक उस गुफा में जीवित रही। भूखी नहीं, प्यासी नहीं — क्योंकि गुफा के भीतर एक ‘कामरूप सरोवर’ था जो काल को पीता था। पर सात सौवें वर्ष उसने एक प्रार्थना की — “मुझे बाहर जन्म लेने दो, ताकि मैं इस गुफा को बंद कर सकूँ।”

उसी रात रुद्राणी की मृत्यु हुई।

और 1947 में — दूसरे छोर पर, बंगाल में एक घर में अन्वेषा का जन्म हुआ।

हाँ, अन्वेषा वही है। वह पुराना सपना उसकी आँखों में हर रात आता है — गुफा, जलता हुआ शिवलिंग, एक पुरुष का शरीर जो बिना सिर के खड़ा है और बोलता है — “अभी समय नहीं हुआ।”

3. पुराना सपना — पुरुष का दृष्टांत

पर यह सपना सिर्फ अन्वेषा का नहीं है।

उसकी ओर ले जाने वाला व्यक्ति, डॉ. व्योम — दिल्ली विश्वविद्यालय में तांत्रिक अध्ययन का विभागाध्यक्ष — को भी वही सपना आता है। परंतु उसके सपने में दृश्य अलग है।

वह देखता है — रुद्राणी नहीं, बल्कि कपालिक नरेश सबरीनाथ। और सबरीनाथ उससे कहता है —

“तुम इस स्त्री का प्रेमी थे, उसकी रक्षा के लिए अपना सिर कटवा चुके हो। सात जन्मों से तुम उसका पीछा कर रहे हो फिर से मिलने के लिए। सातवीं गुफा वही स्थान है जहाँ तुम वापस एक हो सकते हो — बशर्ते तुम शक्ति को त्याग दो।”

4. नीलांचल की भाषा — जो केवल सिद्ध समझते हैं

कहते हैं, नीलांचल पर्वत की अपनी एक ‘भाषा’ है — ‘सैद्धिकी’। यह कोई बोली नहीं, बल्कि कंपनों और रंगों का एक कोड है।

प्राचीनकाल में जब कोई सिद्ध सातवीं गुफा तक पहुँचता था, तो पर्वत उससे बात करता था। फिर आक्रमणों के बाद, पर्वत ने चुप होना शुरू कर दिया। 1947 के बाद से एक ही बार उसने आवाज़ दी — 15 अगस्त 1997, ठीक आधी रात को।

उस रात नीलांचल के चारों ओर के गाँव के लोगों ने देखा — पहाड़ी फट रही है, भीतर से नीली रोशनी निकल रही है, और एक स्त्री की आवाज़ आ रही है:

“मेरी सातवीं गुफा खोलने का समय आ रहा है। वह स्त्री जन्म ले चुकी है।”

5. कामरूप कामाख्या — मिथक नहीं, वैज्ञानिक अंतर्विरोध

अक्सर लोग सोचते हैं कि कामाख्या एक धार्मिक स्थल है। पर वास्तविकता इससे कहीं विचित्र है।

1972 में एक रूसी भू-वैज्ञानिक दल ने नीलांचल के नीचे ‘रेडॉन गैस’ के विस्फोटक स्तर पाए थे। रिपोर्ट अस्पष्ट थी, किंतु एक पन्ने पर लिखा था —

“इस पहाड़ी के आधार पर कुछ ऐसा है जो जीवित कोशिकाओं को पुनर्जीवित कर सकता है। इसे खोदना आपदा होगी।”

आज भी, मंदिर के पुजारी उस रिपोर्ट की बात कानाफूसी में करते हैं। और सातवीं गुफा के द्वार के पास एक अंग्रेज़ों के ज़माने का बोर्ड लगा है जिस पर लिखा है:

“इससे आगे प्रवेश वर्जित — तांत्रिक प्रयोग क्षेत्र।”

6. इस प्रस्तावना का उद्देश्य

जो आगे आने वाला है — ‘भाग 1: कामाख्या की सातवीं गुफा’ — वह एक तांत्रिक रोमांच कथा नहीं है, बल्कि तीन सत्यों की खोज है:

1. क्या कोई गुफा सचमुच समय को थाम सकती है?

2. सातवीं गुफा के भीतर वह क्या है जो हर 108 वर्ष में एक मानव बलि माँगता है?

3. और वह पुराना सपना जो आपको भी कभी आया हो — क्या वह संयोग है या पुकार?

इस प्रस्तावना के बाद, हम प्रवेश करेंगे पहले अध्याय में — जहाँ एक साधारण सी शोधार्थी अन्वेषा को एक पत्र मिलता है जिस पर सिर्फ इतना लिखा है:

“तुम्हारी माँ सातवीं

गुफा के भीतर अभी भी जीवित है। और वह बहुत गुस्से में है।”

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majhinayan938
West Bengal