कविता:- में आजकी मॉर्डन लड़की हु
हां में आजकी मॉर्डन लड़की हु
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सबकुछ चलाती हु
घरका सारा काम करके फिर
बच्चो को ट्युशन पड़ाती हु
सर झुकाके नहीं सर उठाके चलती हु
में किसीसे नहीं डरति हु
क्योंकि में खुदकी कमाई करती हु
हा में खुदकी कमाई करती हु
आज में सभी लड़की को
एक सला देती हु धियांनसे
सुनो दोस्तों में क्या कहती हु
हमें किसी से नहीं डरना है
हमें अन्याय अत्तियाचार से लड़ना है
हमें देस के लिए कुछ करना है
बहुत सर झुकाके चली नारी
अब हमें सर उठाके चलना है
अब हमें सर उठाके चलना है