मेरे हो तुम।
मेरे हर दर्द की दवा हो तुम।
मेरे हर ज़ख्म का मरहम हो तुम।
मेरे दिल की हर धड़कन हो तुम।
मेरी हर सांस,मेरा हर एहसास हो तुम।
मेरी सुबह की रोशनी, मेरे हर रात का ख्वाब हो तुम।
मेरी हर कहानी,मेरा हर किस्सा हो तुम।
मेरी हर बात हो तुम, मेरी खुशी का राज हो तुम।
मेरे हर सवाल का जवाब हो तुम,
मेरा हर सपना,हर साज हो तुम।
मेरा हर सपना,हर ख्वाब हो तुम।
मेरी हर पहली और आखिरी सांस हो तुम।
बस और क्या कहे, मेरी तो जिंदगी हो तुम।
नेहा दि्वेदी ✍️