शीर्षक = “मतलब नहीं”

शीर्षक = "मतलब नहीं"
PART = 1

सब हुस्न के दीवाने हैं 
सीरत से  किसी को मतलब नही 

सम्भोग करने के लिए सम्बन्ध बनाते हैं 
प्यार से किसी को मतलब नही 

धोखा करना तो एक खेल बन चूका हैं  
भवनाओं से किसी को मतलब नही  

आज की पीढ़ी अमेरिकन होती जा रही हैं 
हिंदुस्तान से किसी को मतलब नही  

माना समय पर बदलना चाहिए 
पर इतना भी नही की अपनी संस्कृति से कोई मतलब नही 

सब हुस्न के दीवाने हैं 
सीरत से किसी को मतलब नही

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Nikhil sharma