Views 1934मैं और मेरी बुद्धिकभी सोई तो कभी जगी सी, कभी हंसी तो कभी रोई सी। कभी बोलती तो कभी चुप सी, कभी चंचल तो कभी उदास। मैंऔर मेरी बुद्धि।। Related Comments are closed.