दीमक के हवाले
दीमक के हवाले…!
हर उभरते हुए पर
मिट्टी डाल कर
दबाना समय की जरूरत नहीँ
बस कुछ दोगले लोगों का डर होता है।
सतह पहले जैसी कर देते हैं समतल
मिटा देते हैं उभार
ताकि नजर ही नहीँ आए
फूटते हुए नए बीजों के अंकुर।
कही कोई छुट जाएं
और बीज अँकुरित हो जाए
तो उगने वाले पेड़ को
हर समय खतरा रहता है
किसी न किसी कुल्हाड़ी का,
और अगर वह कुल्हाड़ी से बच जाए तो
पेड़ की जड़ों को किसी
दीमक के हवाले कर दिया जाता है!