कुछ कमी सी लगती है
ये ज़िन्दगी आजकल थमी सी लगती है,
तेरे न होने से कुछ कमी सी लगती है।
यूँ तो वक़्त नही रुकता किसी के न होने से,
फिर भी न जाने क्यों ये ज़मीन ठहरी सी लगती है।
इतने लोग हैं आस पास मेरे फिर भी तन्हा हु,
न जाने क्यों ये दुनिया अजनबी सी लगती है।
तूने मुह मोड़ लिया हमे सामने देखकर ,
शायद इसीलिए मौत अपनी सी लगती है,
ये ज़िन्दगी आजकल थमी सी लगती है,
तेरे न होने से कुछ कमी सी लगती है।