पागल दिल

पागल है ये दिल, जो हर आइने में देखता है तेरा चेहरा, 

कोई और झांक भी ना पाए, इसलिए खुद पर लगा लिया है पहरा ॥ 

  • आहट होती है कोई,  तो धड़कने मेरी बढ़ जाती हैं, 

बहती है जब मीठी हवाएँ,  खुशबू तेरी लाती हैं॥ 

यूँ तो हैं बहुत लोग आसपास, 

पर दिल की तन्हाई में तेरी याद हर पल सताती है॥ 

तस्वीर तेरी सीने से लगा कर घूमती हूँ, 

बढ़ जाती है बेकरारी, तब चुपके से चूमती हूँ, 

हल्का हल्का एक मीठा दर्द होता है याद करके, 

जब आता है तू मिलने, खुशी से झूमती हूँ॥ 

 

 

 

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Poonam Maurya