अकेले – अकेले
ऐ बन्दे! कहाँ चल दिया
अकेले–अकेले?
समसान तक ही जाना है,
ठहर जा जरा,
कुछ यार साथ ले ले |
सफ़र बहुत लम्बा है,
थक जाएगा तू,
चलते अकेले–अकेले |
जिन्दगी की राहों में,
मुश्किलें कई आयेंगी,
बैठ जाना कहीं,
किसी किनारे पर,
अपने यारों के साथ,
गिरते संभलते |
जिन्दगी का मजा,
दुगना हो जाएगा,
जब यादों का कारवां
बनता चला जाएगा |
वो यादें ही होंगी,
जो तेरे साथ जायेंगी,
तेरे जाने के बाद भी,
तुझे जिन्दा रख पाएंगी |
ठहर जा जरा,
कुछ यादें बना ले,
कहाँ चल दिया
अकेले अकेले ||