नया साल
नया साल, नयी उमंग,
नया हौसला, नई तरंग,
सब कुछ वही है,
बस तारीक बदल जाएगी,
फिर भी सब के दिलों में,
नए रंग भर जाएगी।
नई उम्मीद, नई मंजिल,
नई कस्ती, नया साहिल,
टूटते हौसलों के अंधियारे में,
हिम्मत की रोशनी बन जाएगी,
उम्मीदों से भरे इस साल में,
किसी की दुनिया बदल जाएगी।
नया सबेरा, नए रंग,
नया आसमां, नई किरण,
थक कर बैठे उन पक्षियों को,
फिर से उड़ना सिखा जाएगी,
यह नई तारीक, न जाने कितनों की,
फिर से हिम्मत बंधा जाएगी।।