प्रेम की गूँज | Dandiya Night Prem kahani

सुरों में गूँजे कहानी, प्रेम की मीठी तान,

दिल मिले जब दो जहाँ, बन गया आसमान।

दिल्ली के गलियारों में, दिलों का हुआ दीदार,

तुमसे मिला तो लगा, जैसे पूरा हुआ संसार।

दूध और पानी सा रिश्ता, हर पल रंगीन,

तुम्हारे संग मेरा दिल, अब है सबसे करीब।

तारे झिलमिल, आसमां मुस्काए,

हर लम्हा बस तेरा नाम लाए।

चाँद-सूरज जैसे संग नाचे,

तुम्हें देख दिल झूम जाए।

डांडिया रात थी वो सुहानी,

जैसे सपनों की कोई कहानी।

रंगीन रोशनी, कागज़ के फूल,

हर पल में समाए, वो प्यार के उसूल।

जैसे ब्रह्मा की पूजा हो, जैसे शंकर का ध्यान,

दिल में बसी हो तुम, मेरी पूजा, मेरा मान।

हर दिन, हर रात, तुम्हारा ही ख्याल,

तुम बिन अधूरी है हर हाल।

अब तो ये दुआ है मेरी, हर जन्म में साथ हो,

तुम ही हो, मेरे दिल के हर बात हो।

प्रेम की ये गाथा रहे सजीव सदा,

दिलों का ये संगम, न टूटे कभी वादा।

– प्रवेश मौर्य ✍️

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Pravesh Maurya
Uttar Pradesh