। सर्वगुण संपन्न ।
। सर्वगुण सम्पन्न ।
कहां मिलते हैं सर्वगुण सम्पन्न ?
आस पास ही देख लो,,,
आवाज़ सुरीली है कोयल कि तो तन गाहरा काला है।
और तन जिसका सुंदर सजीला है वो मोर ऊंची उड़ान नहीं भर पाता है।
कहां मिलते हैं सर्वगुण सम्पन्न?
थोड़े दूर से ही देख लो,,,
चांद की चांदनी चमकती है तो दागो का पहरा है।
और आसमान बिना बादल के धब्बों के कहां भाता है।
कहां मिलते है सर्वगुण सम्पन्न।