औरत
लघुकथा
औरत
" ए अवनी,तेरी गर्दन पर काटे के निशान कैसे?अरे,बाजू पर नील भी,"सुनते ही अवनी ने खुद को अपने आंचल में समेट लिया। दूसरी ने जल्दी से पहली को टोका।"बहन मर्द को पीने की लत लग जावे और कमावे एक धेला न तो औरत की दुर्गति पक्की है "।
" हां बहना सही कहे है तूं औरत ने या तो भोग लो नहीं तो पीट लो "।