जरूरी नहीं कि हर बात !

जरूरी नहीं कि हर बात संवैधानिक दायरे में ही हो

कुछ बातों का दायरा इतना बड़ा होता है

कि वहाँ संविधान भी मौन धारण कर लेती हैं !!

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Rahul kiran
Bihar