कोरोना
हे कोरोना ! अब बस करोना
जता दिए तुम सबको शक्ति
बता दिए सबको सबकी हस्ती
अब सब खत्म, करो ना
हे कोरोना, अब बस करो ना…..
सुदूर ग्रहों और आकाश पे कब्जे
वर्चस्व को ले मिटने के जज्बे
पाशविक भूख में बिसरे इंसानी रिश्ते
आ गए अब सब घुटनों पर
अब तो रहम करो ना,
हे कोरोना अब बस करो ना….
धुल गई वो कलई पुरानी
जो आंखो को चकमा देती थी,
निकल पड़ी असली रंगत
अपनों और परायो की
अब तुम अपने धाम चलो ना
हे कोरोना अब बस भी करो ना…
—– रमेश