क्या प्यार नहीं था ये?
सुबह का पहला ख्याल उसका,
रात का आखिरी ख्वाब उसका ।।
मुसकान से उसकी दिल खिल जाता है,
उसकी आँखों की नमी मेरे दिल की चुभन बन जाती है।।
अब, बताओ क्या प्यार नहीं मुझे?
उसके दूर जाने के ख्याल से ही तो
जी घबराता है मेरा,
फिर भी वो दूर जाने का जिक्र करके
जान निकाल देता है मेरी।।
उनका तो गुस्सा भी प्यारा लगता है
बस खामोशी सहन नहीं होती,
जिदंगी भर के इंतज़ार के लिए भी तैयार हूँ।।
सिर्फ खुशी ही ख्वाहिश है मेरी।।
अब बताओ, क्या प्यार नहीं मुझे?
पुछना चाहती हूँ उससे कि
अगर कभी मेरा जिस्म मेरा साथ छोड़ दे
तो क्या मेरी रूह को अपनाओगे?
या समय की कश्ती में सवार होके आगे बढ़ जाओगे?
एक तरफा प्यार तो हम भी कर ले, पर इस दिल को भी तो जरूरत है प्यार की।।
वैसे तो तुम्हारे इनकार और इकरार की
मोहताज नहीं मोहब्बत हमारी,
पर फिर भी पुछना चाहूंगी तुमसे
क्या तुम्हे नहीं हुई कभी मोहब्बत हमसे?
कोई गुनाह तो है नहीं
जो एक पल में भुला दे,
मोहब्बत करना मंजूरी थी हमारी मजबूरी नहीं।।
#lovestoriesinverse