गुस्सा

शायद भटक गया था मै
 लेकिन 
अब आ गया हूं रास्ते पर
कुछ नया कर जाऊंगा 
और 
जो बोलते तो पीठ पीछे मेरे 
की औकात क्या है 
अब उनको 
उन्हीं की औकात दिखाऊंगा 

माना की आसमान है ऊपर बहुत 
लेकिन उस तक पहुंच कर दिखाऊंगा और 
तुम्हे तुम्हारी अौकात बताऊंगा 

आ गया अपने आप पर मै 
आसमान भी कर दुगा छोटा 
और याद रखना कोई एक सिक्का भी होता है खोटा

अब समय आया है अपनी शक्ति दिखाने का और 

अपनी शक्ति दिखाऊंगा 

जो कहा है ना मैंने उसे बहुत जल्दी ही 

पूरा करके दिखाऊंगा

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S K MISHRA