मर्दानी

जुल्म के खिलाफ लड़ो

खुद के लिए आगे बढ़ो

 

फैसला करो तुम सही

अगर अभी नहीं, तो कभी नहीं

 

मत समझना तुम हो अबला नारी

सबको दिखाना  तुम हो सब पे भारी

 

हथियार तुम्हारा है, सिर्फ शिक्षा

किसीसे ना मानगो रेहम की भिक्षा

 

उम्मीद का दिया ना बुझने दो

नए खयाल मन में सुझने दो

 

बुराई का कर दो गमन

नयी सुबह का हो आगमन

 

मत भूल तू कल की रानी है

जीवनरण की तू असली मर्दानी है

 

 

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sandeep kajale