मेरी डायरी

मेरी डायरी…..
जिसे मैंने शब्दो से पीरोए हैं…
इसमें है कुछ राज,
रखतीं हूं हमेशा अपने पास…
जिसमें लिख देती हूं अपने दिल के अल्फ़ाज़..
इसे अपने दिल के बोहोत करीब पाया हैं
ख़ुश रहुं या दुख….
यह रहती है आस- पास
यह मेरे लिए है कुछ खास…
जब भी रोना चाहूं….
इसपर सिर रख कर रोए हैं…
मेरी डायरी जिसे मैंने शब्दो से पीरोए हैं!!

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Sangeeta Chauhan