कवि बनने कोई उम्र नहीं होती

कवि बनने कोई उम्र नहीं होती, 
जिन्दगी कभी खत्म नहीं होती। 
हर लम्हा जिन्दगी का,
कवि बना जाता है, हर कदम पर,
 मंज़िल आसमां नहीं होती। ।
जीना है तो गर्व से जियो,
   जिन्दगी किसी की,
मोहताज नहीं होती। ।
हर धर्म, हर मज़हब पर, 
आपस में है सब लङते, 
कौन सा धर्म ऐसा है, जिसकी 
धरती माँ नहीं होती। ।
कवि बनने की कोई उम्र नहीं होती। ।

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Shalini Arora