Hai ye badi sanyam ki ghadi

है ये बड़ी संयम की घड़ी
आओ तोड़ें संक्रमण की कड़ी
रहें कुछ दिन घर में ही सभीं
तभी जितेंगे जिंदगी की लड़ी
है ये बड़ी विकट घड़ी
जहां जिंदगी बेबस है पड़ी
है ये बड़ी संयम की घड़ी 

है सिखा हमने परवतन से
लॉकडाउन ही बचाएगा संक्रमण से
भरेगा पेट बिन पैसा कैसे 
यह जग रहा भय अंतर्मन से
मूल सत्य "जान है तो जहां है" 
सुन बोध आया मोदीजी के भाषण से
है ये रोग जिससे पूरी दुनिया डरी
कहां बन पाई इसकी दवा या जड़ी
      है ये बड़ी संयम की घड़ी 

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SHASHI KANT SINGH