अच्छा या बुरा |
कुछ अच्छा करो,
कुछ बुरा करलो |
नहीं फर्क पड़ता किसी को,
ना दिखता किसी को उसमे किसी की गलती |
नहीं लगता ऐसे लोगो को दिल में दर्द,
क्योंकि ऐसो को नहीं होता झूठ बोलने का दुख।
नहीं है कोई शर्म उनको बात करते वक्त,
बात करने में होती उनकी बातों में सख्ती।
नहीं पड़ता उन्हें फर्क तुम्हारे होने या ना होने से,
उन्हें नहीं कोई फ़र्क तुम्हारे रोने से।
होते हैं लोग मतलबी,
गलती निकलते ये सभी की।
रहना इनसे दूर,
दिखाते ये सामने वाले का कसूर |