औरत की वीरता
औरत है देश का गर्व,
उनका सम्मान करना है हम सबका धर्म।
औरत होती है घर की रौनक,
उन्न से ही बढ़ती है घर की शोभा।
औरत होती अपनी माँ- बाप का मान,
वो ही तो हमारे देश की शान |
औरत का होना मतलब घर की परिपूर्णता,
उन्न से ही होता है घर में उजाला।
औरत नहीं सह सकती अपने परिवार पर आई हुई आँधी,
भगवान ने औरत को बनाकर किया इस विश्व को पूर्ण ।
औरत बनना नहीं होता आसान,
समर्पित करती हैं वो अपनों के लिए अपना प्राण।
औरत निभाती हैं कई सारे रिश्ते,
बहन, माँ, सास, बुआ, पत्नी बनके रखती वो घर को एक झूट।
औरत तो खुद है हर समस्या का हल,
परेशानियों में देती हैं अपनों का साथ हर पल।
औरत को अक्सर समझते है कमज़ोर,
चाहे दुनिया इधर की उधर क्यों न हो जाए करती वो प्यार अपनों से कुछ भी हो।
औरत का फ़र्ज़ निभाती वो पूरे मन और विश्वास से,
वो होती प्रतीक शक्ति और शांति का।
औरत को अक्सर बांधा जाता है समाज के कई बंधनों में,
लोग क्यों नहीं समझते कि हमारी औरतें मर्दों से कम हैं के!
औरत को ही क्यू देनी पड़ती अग्नि परीक्षा हर कदम पर,
वो करती भरोसा दूसरा बिना किसी भी स्वार्थ के।
औरत का करोगे सम्मान तो मिलेगा भगवान का आशीर्वाद,
कभी भी ना औरत को समझना बोझ और ना करना उनका दुराचार।