दिल और दिमाग के बीच की बातें

दिल ने पूछा कि तू कहाँ है खोया?,

तो मैंने कहा कि वो खोया है किसी पे।

दिल ने पूछा कि क्या ये इंसान है तेरी दिल की आवाज़?,

तो मैंने कहा कि हाँ वही है दिल की आवाज़ मेरी।

दिल ने पूछा कि उसे देखते ही धड़कता है तुम्हारा दिल?,

तो मैंने कहा कि हा बहुत ज्यादा।

दिल ने पूछा कि क्या उसे देखते ही आती हैं तुम्हारे चेहरे पे मुस्कुराहट?,

तो मैंने कहा कि हां वो तो हमेशा ही होता है।

दिल ने पूछा कि क्या तुझे उसे देखते ही होती वही ख़ुशी?,

तो मैंने कहा कि हा हमेशा से ही।

दिल ने पूछा कि क्या तुम उसे अपने दिल में रखने के लिए तैयार हो?,

तो मैंने कहा कि हा बरसो से।

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Shreya Nayak Poet