अपने चेहरे पे हमारी नज़र ढ़ूँढ़येगा।

अगर हो गया जो दिल पे वो असर ढूँढियेगा,
अपने चेहरे पे हमारी नज़र ढूँढियेगा।

निगाहों के आईने में जो दिख जाए,
वो तस्वीर बेखबर ढूँढियेगा।
अपने चेहरे पे हमारी नज़र ढूँढियेगा।

धडकते हुए दिल को भंवर में छोर,
ना कोई दुसरा सफर ढूँढियेगा।
अपने चेहरे पे हमारी नज़र ढूँढियेगा।

और जब हो जाए मोहब्बत आखरी अंजाम तक,
मोहब्बत की कसम हमें तड़पता हुआ न छोरियेगा।
अपने चेहरे पे हमारी नज़र ढूँढियेगा।

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Shubham Shakti