यह मैं हु…

चेहरे पर कोई तनाव न हो,   बस छोटी सी मुस्कान हो.. 

बैठा रहु नीचे,  ऊपर नीला खुला आसमान हो.. 

तन से नाच ' मन से निर्विचार,  ह्रदय में संगीत ' पक्षियों के साथ हों.. 

नहीं है कोई अहंकार, क्योंकि अकेला साथ एकांत जो हूँ..

लगता है ज्ञात हो गया हो की  मैं कौन हूँ.. जी हाँ.. मैं वर्तमान  हूँ  ll

 

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Subhash Tomar