यह मैं हु…
चेहरे पर कोई तनाव न हो, बस छोटी सी मुस्कान हो..
बैठा रहु नीचे, ऊपर नीला खुला आसमान हो..
तन से नाच ' मन से निर्विचार, ह्रदय में संगीत ' पक्षियों के साथ हों..
नहीं है कोई अहंकार, क्योंकि अकेला साथ एकांत जो हूँ..
लगता है ज्ञात हो गया हो की मैं कौन हूँ.. जी हाँ.. मैं वर्तमान हूँ ll