रूह और जिस्म
रूह को ना जान पाए वो ,
इसी कारण जिस्म से खेल गए ।
लडकी हूँ,
तो कमजोर समझ ही शायद भ्रूण हत्या व रेप जैसे अत्याचार कर गए।
भूल गए थे शायद वो दुराचारी, कि लड़की ही उनकी माँ या बहन है,
जाने अनजाने में ही सही ,
पर,
तृष्णा के चलते ही प्रकृति का विनाश कर गए।
न्याय या बलिदान ,
या फिर,
धर्म के मर्म के बारे में,
क्या समझेंगे लोग अर्थ,
जो खुद ही रहते है
भ्रम के मायाजाल में।
सुरुचि