इस कदर हमे सता रहे है।

वो जो साथ थे अब पास नहीं 
हम उनके लिये अब कुछ खास नहीं।
फिर भी वो हमे आजमा रहे हैं 
जब दूर हो जातें है हम उनसे तो वो
खुद के होने का एहसास दिला रहे है।
जब नज़दीक जातें है तब
वो खुद जुदा हुए जा रहे है।
इतना दूर होते हुए भी 
वो हमे इस कदर सता रहे है
इस कदर सता रहे है।

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Swarnika Sahu