तुम हो तो…

तुम हो तो…

तुम हो तो हर सुबह में

एक नई रोशनी उतरती है

सूनी सी राहों पर भी

मुस्कानों की धुन बिखरती है।

तुम हो तो हवा में

एक मीठी सी सरगम रहती है,

दिल की हर धड़कन में

बस तुम्हारी ही हलचल रहती है।

ये प्यार कोई कहानी नहीं

जो किताबों में लिखी जाए,

ये तो वो एहसास है

जो चुपके से दिल में बस जाए।

तुम साथ हो तो

रात भी चाँदनी बन जाती है,

हर छोटी खुशी

एक बड़ी दुआ बन जाती है।

वैलेंटाइन का दिन कहता है —

प्यार जताने का नाम नहीं,

प्यार तो वो रिश्ता है

जो बिना कहे भी थामे कहीं।

बस यूँ ही साथ चलें हम,

हर मौसम, हर पल, हर राह,

तुम मेरे दिल की धड़कन,

और मैं तुम्हारी हर चाह।

*****

उद्धव भयवाल 

19, शांतिनाथ हाऊसिंग सोसायटी 

गादिया विहार रोड 

शहानूरवाडी 

छत्रपति संभाजीनगर 431009

(औरंगाबाद )

महाराष्ट्र

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Uddhav Bhaiwal