जर्रे जर्रे में सिर्फ तुम हो

ज़र्रे ज़र्रे में सिर्फ तुम हो
तेरी हर एक याद है

ना भुलाने वाले वो पल
वो हर एक ज़ज़्बात है

बिन तेरे ना गुज़रे दिन
और उससे भी बड़ी
हर एक रात है…

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VIKASH KASHYAP