आज दिल के आइने में देखता हूँ, तो यही सोचता हूँ
आज दिल के आइने में देखता हूँ, तो सोचता हूँ
आज बच्चों के साथ खेलता हूँ, तो सोचता हूँ
आज चेहरों पे मुस्कान को देखता हूँ, तो सोचता हूँ
आज घर के कामों में हाथ बटाता हूँ, तो सोचता हूँ
आज माँ-बाप के साथ बैठता हूँ, तो सोचता हूँ
इतना प्यार है जहाँ,
इतना सुकून है जहाँ,
मेरा सारा सँसार है जहाँ,
उससे बाहर जा कर मैं क्या खोजता हूँl
आज दिल के आइने में देखता हूँ, तो यही सोचता हूँ l