समय बड़ा बलवान है
समय बड़ा बलवान है, बुज़ुर्गों ने समझाया
समय से आगे मत दौड़ो, ये भी बतलाया
हम नहीं समझे समय के इस निराले खेल को
बीच पटरी पर ही रोक दिया जीवन की इस रेल को
प्रकृति के इस पाठ से उम्मीद है
हम कुछ तो समझ पायेंगे
तन्हाई के इन लम्हों के दर्द से शायद
हम सब्र, संतोष और इन्सानियत की राह पर
चलना सीख जायेंगे।