मैंने देखा है एक ऐसा देश
मैंने देखा है एक ऐसा देश,
जहाँ पराए भी अपने होते हैं,
मुश्किलों में साथ खड़े होते हैं।
चाहे वो जंतर-मंतर पे विरोध हो,
या किसी मासूम पे अन्याय।
न कोई जाति, न कोई धर्म, न कोई बैर हो,
बस एक ही जाति, एक ही धर्म हो
—इंसानियत का।
अपने देश के लिए लड़ मिटने को तैयार हैं,
चाहे वो अंग्रेज़ों से हो या घोटालों के मंत्रियों से।
ये मेरी भारत माँ,
तेरी मिट्टी की खुशबू में,
जनम लिया है हमने।
तेरी रक्षा करेंगे हम सदा,
यही हमारा धर्म है,
यही हमारी पहचान।
मैंने देखा है एक ऐसा देश,
दुश्मनों को भी गले से लगाए,
प्यार से हर दिल बस जीतना जाने।
मैंने देखा है एक ऐसा देश…
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