Tweet Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to print (Opens in new window) Print Views 164मैं कृष्ण और मैं ही राम हूॅंमैं त्रेता का राम द्वापर का श्याम हूॅं मैं कृष्ण और मैं ही राम हूॅं पुरूषोत्तम हूॅं मैं और मैं ही घनश्याम हूॅं मैं कृष्ण और मैं ही राम हूॅं मैं कौशल्या का पुत्र और यशोदा का लाल हूॅं । मैं ही कृष्ण और मैं ही राम हूॅं। मैं सीता का भार्गव और राधा का श्याम हूॅं मैं ही कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं। मैं कुरुक्षेत्र का राजा हूॅं और मैं वन का कुमार हूॅं, मैं कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं। मैं सबरी का प्रभु और सुभद्रा का भाई हूॅं मैं कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं। मैं हनुमान का प्रभु और अर्जुन का रथवान हूॅं, मैं ही कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं। मैं सुग्रीव और सुदामा जैसा मित्र पाने वाला नाम हूॅं, मैं कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं। मैं सुग्रीब का प्रभु और कौरव का काल हूॅं मैं ही कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं मैं रामेश्वरम पर महादेव का प्राण प्रतिष्ठा तथा गोवर्धन पर्वत उठाने एक साधारण इंसान हूॅं , मैं ही कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं। मैं रावण का अंत तथा शिशुपाल के मोझ का आधार हूॅं मैं कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं मैं भाव का भूखा और मैं भाऊ का हारि हूॅं नाम अलग लेकिन परमानंद, महाविष्णु का ही अवतारी हूॅं मैं ही कृष्ण हूॅं और मैं ही राम हूॅं Related Leave a ReplyCancel reply