2025– The India That Endured

नमस्कार! 2025 की शुरुआत|

हादसे अनेक इस साल में आए

चलो उनपे गौर फरमाएँ|

प्रारंभ में है पहलगाम,

घूमने आए जीवनसाथियों के साथ|

लड़की ने सपना था सजाया इच्छा के साथ,

रहना था पूरी जिंदगी सुहाग के हाथ में हाथ डाल|

आई थी बाहर घूमने कहीं,

शादी से पत्नी बनी थी वही|

ना जाने वो ये बात, होने वाला क्या,

पलक झपकते खतम उसका परिवार|

2025 की यादें है यहाँ शुरू

आते हैं मोड़ जहां बदला ज़रूर|

बदले की आग में जलते हिंदुस्तानी,

उस गोली को खा के जो कुछ भी कहा नहीं

एक हमले में सहमा पूरा पाकिस्तान,

मिशन सिंदूर है 2025 की पहचान|

आते हैं आगे अब बातें बढ़ा के,

2025 की यादों में डुबकी लगा के|

बैठे थे बच्चे खाने के साथ,

हंसते और मुस्कुराते|

ऊपर आकाश, विमान में, बैठे थे यात्री,

सोचे सभी घर जाना जरूरी|

पर बच्चों के ऊपर है गिरता जहाज़,

सबके यहाँ लेगए प्राण|

होते है फिर इकट्ठा सभी,

लिए आँखों में पानी|

इस साल की यहाँ भी पूरी ना कहानी,

आती है बारी जहां रिश्तों में बर्बादी|

काट के शरीर बंद है बक्से में

चल दी कश्मीर घूमने सवेरे में|

पहाड़ से नीचे फेंक दिया सुहाग,

क्या कीमत है प्यार?

एक और लफड़े से करी मुलाक़ात 

लोग सोचे कर से झुक जाएगा भारत,

ना जाने कोई दोस्ती की गहराई|

पड़ोसी ने संभाला व्यापार बिना लड़ाई|

वक्त का पहिया बढ़ रहा आगे

कम खून और हादसे,

ना भगदड़ एट महाकुंभ, भगवान के द्वार पे|

बोलो राधे-राधे,

2026 की हो गई शुरुआत|

#IndependenceWritingContest2026

#TheIndiaIStillBelieveIn

Comments

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  1. Chitra Tiwari says:

    Cool

  2. Awesome poem

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Jaya Tiwari