‘आज़ादी हर किसी के लिए आसान नहीं होती’
आज़ादी हर किसी के लिए आसान नहीं होती
आज़ादी हर किसी के लिए आसान नहीं होती,
चाहे सोच की हो या देश के लिए होती।
इस आज़ादी के लिए कईयों ने अपनों को खोया,
और कई देश के लिए शहीद हुए।
जात-पात, भेदभाव का दंश सभी ने सहा,
और कईयों का देश निकाला हुआ।
खुद की मातृभूमि का त्याग गहरा था,
दिलों में ग़म आज भी ठहरा था।
लहू से रंगी इस भारत माँ की लाज हम रखेंगे,
अपने कर्तव्य का निर्वहन करेंगे।
खुद के योगदान से सशक्त भारत बनाना है,
यही जन-जन तक संदेश पहुँचाना है।
याद रखेंगे उन वीरों को,
जिन्होंने वीरगति पाई है,
खुद को खोकर दूसरों की ज़िंदगी बचाई है।
उनका कर्ज़ कभी न उतार पाएँगे,
देश की मिट्टी के सशक्त भारतीय कहलाएँगे।