दिल की बात छुपाते हो
चेहरे पर सादगी रखते हो, और मुस्कुराते भी हो।
दिल की बात दिल में छुपाते हो, कुछ नहीं बताते हो।
मेरे सामने आकर नज़रे झुका लेते हो, मुस्कुराकर चले जाते हो।
जब मोहब्बत है मुझसे, तो कहते क्यों नहीं, क्यों तड़पाते हो।
अब तो मेरे हर पल का तुम्हें ख़बर भी है,
तेरी मासूमियत का मुझ पर असर भी है।
अब कह भी दो, मुझसे क्या छुपाते हो।
मैं तुम्हारे लिए कुछ ख़ास लिखूंगा,
दिल के कोरे कागज़ पर तेरा एहसास लिखूंगा।
मैं जानता हूँ कि इस दुनिया में तू कभी मेरा नहीं होगा,
इसलिए तुम्हें कहीं तो ख़ास लिखूंगा।
तुम्हारे ही नाम से एक किताब लिखूंगा,
और उस किताब में तुम्हें हमेशा मेरे पास लिखूंगा।
मैं तुम्हारा होऊंगा और तू मेरा होगा,
न किसी प्रकार का कोई पहरा होगा।
मुस्कुराएंगे हम और तुम साथ मिलकर,
एक-दूसरे के दिल में बसेरा होगा।
कह देंगे दोनों एक-दूसरे को अपने दिल की बातें भी,
मैं तेरा
और तू हमेशा मेरा होगा।