15 अगस्त — मेरा भारत, मेरा अभिमान

15 अगस्त — मेरा भारत, मेरा अभिमान

पंद्रह अगस्त का दिन निराला,

भारत माँ का पर्व उजाला।

तिरंगा नभ में शान से लहराए,

हर दिल देशभक्ति के गीत सुनाए।

आजादी की यह पावन बेला,

याद दिलाती वीरों का मेला।

जिन वीरों ने हँसकर जान गँवाई,

तब जाकर हमने आजादी पाई।

महात्मा गांधी का सत्य महान,

अहिंसा बनी उनकी पहचान।

सुभाष चंद्र बोस की हुंकार,

“जय हिंद” से गूँजा संसार।

भगत सिंह का साहस महान,

देश के लिए किया बलिदान।

चंद्रशेखर आज़ाद की वीर कहानी,

आज भी सुनाती शौर्य की निशानी।

रानी लक्ष्मीबाई की तलवार,

दिखलाती थी वीरता अपार।

सरदार पटेल का दृढ़ संकल्प,

बन गया भारत की एकता का विकल्प।

लाला लाजपत राय की कुर्बानी,

याद रहेगी उनकी अमर कहानी।

असंख्य वीरों ने संघर्ष किया,

तभी स्वतंत्र भारत का सूरज उगा।

पंद्रह अगस्त केवल त्योहार नहीं,

यह त्याग और सम्मान की बात सही।

यह दिन हमें संदेश सुनाता,

देश से प्रेम करना सिखलाता।

धर्म अलग हो, भाषा अलग हो,

फिर भी भारत सबका घर हो।

उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम,

भारत की धरती सबसे सुंदर।

हिमालय इसका मुकुट महान,

गंगा करती धरती का सम्मान।

खेतों में लहराती हरियाली,

गाँवों में गूँजे खुशहाली।

समुद्र इसके चरण पखारे,

भारत माँ को दुनिया निहारे।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक,

एकता की गूँज रहे हर पल तक।

हम बच्चे हैं भारत के प्यारे,

देश के हम उजले सितारे।

पढ़-लिखकर आगे बढ़ना है,

भारत का नाम बड़ा करना है।

झूठ, भ्रष्टाचार और भेद मिटाएँ,

सच्चाई की राह पर कदम बढ़ाएँ।

मेहनत को अपना हथियार बनाएँ,

मिलकर देश को आगे ले जाएँ।

न कोई छोटा, न कोई बड़ा,

भारत में हर इंसान खड़ा।

सबको शिक्षा, सबको सम्मान,

यही हो अपने देश की पहचान।

गरीब के चेहरे पर मुस्कान आए,

हर घर में खुशियों का दीप जलाए।

नारी का सम्मान बढ़ाएँ,

बेटियों को आगे हम लाएँ।

किसान हमारे अन्नदाता,

सैनिक देश के सच्चे विधाता।

सीमा पर जो रात बिताते,

तभी हम चैन की नींद सो पाते।

उनके साहस को नमन हमारा,

उनसे रोशन देश सितारा।

वैज्ञानिक नई राह दिखाएँ,

युवा नए सपने सच कर जाएँ।

आज तिरंगे के नीचे आकर,

हम लें एक प्रण दिल में भरकर—

देश की गरिमा कभी न घटाएँगे,

भारत का मान सदा बढ़ाएँगे।

पर्यावरण को स्वच्छ बनाएँगे,

पेड़ लगाकर धरती सजाएँगे।

नदियों को निर्मल रखना है,

भारत को सुंदर रखना है।

डिजिटल युग में बढ़ते जाएँ,

ज्ञान की रोशनी घर-घर पहुँचाएँ।

तकनीक बने विकास का आधार,

भारत बने दुनिया में शानदार।

युवा शक्ति जब आगे आएगी,

भारत की नई तस्वीर बनाएगी।

मेहनत, शिक्षा और ईमानदारी,

यही बनेगी देश की तैयारी।

आओ मिलकर शपथ उठाएँ,

भारत को मजबूत बनाएँ।

जाति-पाति का भेद मिटाएँ,

प्रेम और भाईचारा बढ़ाएँ।

हर दिल में तिरंगा बसाएँ,

भारत माँ का मान बढ़ाएँ।

स्वतंत्रता का मूल्य समझें,

अपने कर्तव्य से कभी न भटकें।

पंद्रह अगस्त हमें पुकारे,

“देश के बनो तुम सच्चे सहारे।”

आजादी केवल अधिकार नहीं,

कर्तव्यों से कम कोई प्यार नहीं।

जिस भारत का सपना वीरों ने देखा,

उस सपने को करना है सच्चा।

ज्ञान, शांति और विकास की राह,

भारत बढ़े—यही हमारी चाह।

तिरंगा ऊँचा सदा रहे,

भारत का गौरव बड़ा रहे।

वीरों की गाथा अमर रहे,

देश में प्रेम का सागर बहे।

दिल में भारत, आँखों में सपना,

देश हमारा सबसे अपना।

आओ मिलकर गीत सुनाएँ—

वंदे मातरम्! जय हिंद! जय हिंद!

स्वतंत्रता की पावन वर्षगाँठ पर,

देश को नमन करें हम बार-बार।

जिस मिट्टी ने हमको जन्म दिया,

उस मिट्टी का रखें सदा सम्मान।

भारत माँ की जय-जयकार हो,

हर घर में खुशियों की बहार हो।

तिरंगे की शान कभी कम न हो,

भारत का नाम कभी कम न हो।

जय हिंद! 🇮🇳

वंदे मातरम्!

मेरा भारत महान!

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sachin titarmare
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