बदलता भारत

बदलता भारत

तोड़ गुलामी की जंजीरें जब भारत आजाद हुआ,

तभी युवा एक नए भारत का दुनिया में आगाज हुआ,

थी बडी समस्या मजबूरी इस भारत गर्व की आन में,

पर कुचल दिया कुछ ही पल में और आ गया नई पहचान में,

अब बदल रहा है भारत अपना बदल गई है शान अब,

दुनिया सारी समझ गई अब भारत ना अनजान अब,

तकनीकी सुविधा सुरक्षा पर भारत का ध्यान है,

शिक्षा, रणनीति को देख दुनिया भी हैरान है,

देख रही दुनिया भारत को, अद्भुत नये नजारे से,

कुछ भारत सा बनना चाहे तो, कुछ इसके सहारे से,

दिन-रात सभी की बातों में बस भारत की आवाज रहे,

चाहे पर्यावरण विषय हो चाहे सबका विकास रहे

सब के हितों की चिंता कर सबको राह दिखा रहा,

विश्व गुरु के सपने को सबको यूं समझा रहा,

ना झुका किसी के आगे अब तक ना खोई अपनी शान है,

तिरंगे की छाया में बसा ये हिंदुस्तान है,

भोजन भूषा, भेष, देखकर जिसने हमें नकारा

आज उसी दुनिया को देखो भारतवर्ष ही प्यारा

ना रुके कदम है अभी यहां पर संघर्ष अभी भी जारी है,

भारत होगा विश्व गुरु इसकी अब सब तैयारी है।

दिखला देंगे दुनिया को अब हमने क्या-क्या सीखा है,

मातृभूमि छाया में अब रहा न कुछ भी फीका है,

आओ देखे दुनिया में क्या हमने छवि बनाई है

प्रेम और भाषा की शक्ति सबको ही दिखलाई है।

#Independencewritingcontest2026

Comments

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  1. Shalu Rawat says:

    Nice words 😊 sir

  2. Sir adbhut bohot bohot acha likha hai…..🙇🏻‍♀️

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Taimin sahu