वह भारत जिसमें मुझे विश्वास है
विविधता के रंगों में जो, एक सुरम्य तस्वीर बनाता है,
मस्जिद की अज़ान के साथ जहाँ, मंदिर का शंख बजाता है।
हाँ, कुछ धूल जमी है चेहरों पर, कुछ अपनों में तकरार भी है,
पर मुश्किल में जो हाथ बढ़ा दे, उस भारत पर ऐतबार भी है।
मुझे विश्वास है उस माटी पर, जो भूखे को अन्न खिलाती है,
विज्ञान और तकनीक के संग, जो वेदों की रीत निभाती है।
जहाँ गाँव की पगडंडी से लेकर, चाँद तक का रास्ता साफ़ हुआ,
जहाँ नफ़रत के हर एक घाव पर, सदा तिरंगा मरहम हुआ।
नौजवानों की आँखों में सजते, नए ख्वाबों का वो मेला है,
जिसने हर मुश्किल तूफ़ान में, हँसकर हर संकट झेला है।
वो देश नहीं केवल नक्शा, वो बहती गंगा की धार है,
हाँ, वही मेरा वो भारत है, जिससे मुझे अब भी प्यार है।
यही वो पावन भूमि मेरी, जो सदियों से मुस्काती है,
अनेकता में एकता ही, इसकी असली शान बढ़ाती है।
भले बदल जाए ये पूरी दुनिया, पर बदलेगा न मेरा ये यक़ीन,
इसी मिट्टी में जनमूँगा फिर, यही मेरा भारत सबसे हसीन।
#IndependenceWritingContest2026